बुंदेली भाषा में नौकरी का नया दरवाज़ा: दूरदर्शन भोपाल की भर्ती से बढ़ेगा लोकभाषा पत्रकारिता का दायरा

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भारत की भाषाई विविधता हमेशा से हमारी पहचान रही है। लेकिन जब बात सरकारी मीडिया या पत्रकारिता के अवसरों की आती है, तो अक्सर हिंदी और अंग्रेजी जैसी प्रमुख भाषाएँ ही प्राथमिकता में रहती हैं। ऐसे में प्रसार भारती (Prasar Bharati) के तहत दूरदर्शन केंद्र भोपाल द्वारा बुंदेली भाषा में न्यूज रीडर और कॉपी एडिटर की भर्ती निकालना एक ऐतिहासिक और स्वागत योग्य कदम है।

यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक ऐसी पहल है जो लोकभाषाओं को मुख्यधारा की पत्रकारिता में सम्मान दिलाने की दिशा में उठाया गया कदम है। आइए समझते हैं कि यह भर्ती बुंदेलखंड और मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए क्यों खास है, और इसका क्षेत्रीय पत्रकारिता पर क्या असर पड़ेगा।

क्या है दूरदर्शन भोपाल की नई भर्ती?

दूरदर्शन केंद्र भोपाल ने 2025 के लिए कैजुअल (अस्थायी/एम्पैनलमेंट) आधार पर न्यूज रीडर (Bundeli) और कॉपी एडिटर के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
उम्मीदवारों से आवेदन ऑफलाइन मोड (स्पीड पोस्ट या हाथ से) मांगे गए हैं।
योग्यता के अनुसार—

  • बुंदेली न्यूज रीडर के लिए स्थानीय भाषा में दक्षता, स्पष्ट उच्चारण और वॉइस टेस्ट की योग्यता जरूरी है।
  • वहीं, कॉपी एडिटर पद के लिए मास कम्युनिकेशन या जर्नलिज्म में डिग्री/डिप्लोमा और 3 साल का अनुभव मांगा गया है।

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हालांकि ये स्थायी नौकरी नहीं है, बल्कि प्रति दिन असाइनमेंट के आधार पर काम मिलेगा। फिर भी, यह अवसर उन युवाओं के लिए एक दरवाज़ा खोलता है जो अपनी मातृभाषा में पत्रकारिता करना चाहते हैं।

बुंदेली भाषा: लोकभाषा से मुख्यधारा तक

बुंदेली भाषा मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में बोली जाने वाली प्रमुख लोकभाषा है।
यह भाषा न केवल बोलचाल का माध्यम है, बल्कि लोकगीत, कहावतों और लोककथाओं की धरोहर भी है।

आज के दौर में जहाँ अधिकांश मीडिया हाउस शहरी हिंदी या अंग्रेजी में समाचार प्रस्तुत करते हैं, वहीं बुंदेली में समाचार पढ़ना ग्रामीण दर्शकों को एक नया आत्मविश्वास देता है।

यह पहल दर्शाती है कि दूरदर्शन अब सिर्फ राष्ट्रीय आवाज़ नहीं, बल्कि स्थानीय भावनाओं का भी मंच बन रहा है।

भाषाई विविधता को प्रोत्साहन: सरकारी प्रसारण में लोकभाषा को जगह देना यह संकेत है कि भारत की भाषाई विविधता को अब संस्थागत पहचान मिल रही है।

स्थानीय युवाओं को अवसर: बुंदेलखंड और आस-पास के जिलों (सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दतिया, झांसी आदि) में कई ऐसे युवा हैं जो मीडिया में आना चाहते हैं लेकिन हिंदी या अंग्रेजी में पारंगत नहीं हैं। यह भर्ती उनके लिए सुनहरा मौका है।

ग्रामीण सूचना तंत्र को मजबूती: बुंदेली में समाचार प्रसारण से गाँवों तक सरकारी योजनाओं, कृषि नीतियों और शिक्षा संबंधी जानकारी बेहतर ढंग से पहुँच सकेगी।

सांस्कृतिक पहचान को नया जीवन:बुंदेली बोली सिर्फ एक भाषा नहीं बल्कि संस्कृति है। दूरदर्शन जैसे राष्ट्रीय मंच पर इसका प्रसारण होने से लोकगीत, लोककला और लोककथाओं का पुनर्जीवन संभव है।

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क्यों यह खबर मुख्यधारा मीडिया से छिपी रही?

बड़े मीडिया हाउस जैसे NDTV, TOI, India Today आदि ने इस भर्ती को सिर्फ “सरकारी जॉब न्यूज़” की तरह कवर किया।
किसी ने यह नहीं बताया कि इसमें बुंदेली भाषा की भूमिका कितनी बड़ी है।
दरअसल, मुख्यधारा मीडिया अक्सर “हिंदी–अंग्रेजी केंद्रित” रहता है।
पर rumnnlg.com जैसे प्लेटफॉर्म इन छिपे हुए पहलुओं को सामने ला सकते हैं —
जहाँ असली कहानी केवल भर्ती नहीं, बल्कि भाषाई पुनर्जागरण की होती है।

स्थानीय युवाओं की प्रतिक्रिया

सागर जिले के एक युवा मीडिया छात्र रवि लोधी कहते हैं —

“हमारे इलाके में बुंदेली बोलने वाले बहुत हैं, लेकिन मीडिया में हमारी आवाज़ नहीं सुनी जाती। अगर दूरदर्शन में बुंदेली न्यूज आने लगे तो लोग खुद को टीवी पर पहचानेंगे।”

एक अन्य उम्मीदवार सुषमा अहिरवार का कहना है —

“मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है लेकिन बुंदेली मेरी मातृभाषा है। इस भर्ती से मुझे लगता है कि मैं अपनी भाषा में भी पेशेवर काम कर सकती हूँ।”

भविष्य की दिशा: क्या अन्य लोकभाषाएँ भी जुड़ेंगी?

इस भर्ती ने यह उम्मीद जगा दी है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ी, भोजपुरी, मैथिली, अवधी, और बघेली जैसी अन्य लोकभाषाओं में भी ऐसे अवसर खुल सकते हैं।
प्रसार भारती अगर क्षेत्रीय भाषाओं को अपनाता है तो यह भारत की सांस्कृतिक विविधता को मीडिया के ज़रिए दुनिया के सामने पेश करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

निष्कर्ष

दूरदर्शन भोपाल की यह भर्ती सिर्फ “न्यूज रीडर” की नौकरी नहीं है, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन की शुरुआत है।
यह दिखाती है कि अब सरकारी संस्थाएँ भी लोकभाषाओं के महत्व को समझ रही हैं।
बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों के युवाओं को अब अपनी भाषा में करियर बनाने का मौका मिलेगा —
जो न केवल उनकी आजीविका बल्कि उनकी पहचान को भी मजबूत करेगा।

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Author

  • Nandani Baghel

    Nandani Baghel एक Govt Job Blogger हैं, जिन्हें 3 साल का अनुभव है।
    वे भर्ती प्रक्रियाओं, दस्तावेज़ और तैयारी गाइड पर व्यावहारिक और आसानी से समझ आने वाले लेख लिखती हैं, जो छात्रों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं।

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