क्या आप Scholarship, PM Kisan Samman Nidhi, या गैस सब्सिडी का पैसा बैंक खाते में नहीं आ रहा है जबकि आप बैंक जाकर आधार कार्ड तो दे आए हैं, फिर भी ऑनलाइन स्टेटस में ‘Aadhaar Not Seeded’ या ‘NPCI Not Verified’ दिखा रहा है?
मेरे पास कृष्णा नाम एक लड़का आया और कि Scholarship का फॉर्म भरने के बाद भी पैसा बैंक खाते में नहीं आ रहा है फिर मेने बताया कि क्या आप Scholarship, PM Kisan Samman Nidhi, या गैस सब्सिडी का पैसा बैंक खाते में नहीं आ रहा है जबकि आप बैंक जाकर आधार कार्ड तो दे आए हैं, फिर भी ऑनलाइन स्टेटस में ‘Aadhaar Not Seeded’ या ‘NPCI Not Verified’ दिखा रहा है?
जबकि यह समस्या आज लाखों लोगों की है। इसका कारण यह है कि आपका बैंक खाता केवल आधार से ‘लिंक’ है,और लेकिन वह NPCI (National Payments Corporation of India) के सर्वर पर ‘सीड’ (Seed) या ‘मैप’ नहीं हुआ है। जब तक यह सीडिंग नहीं होगी, आपको कोई भी सरकारी लाभ (DBT) नहीं मिलेगा और इस कारण पैसा नहीं आता है |
एक बहतरीन सलाहकार के रूप में, मैं आपको बता दूँ कि इस समस्या का समाधान केवल एक सही आवेदन पत्र (Application Form) में छिपा है। इस गाइड में, हम आपको बताएंगे कि बैंक मैनेजर को एक प्रभावी npci linking application form in hindi कैसे लिखना है, ताकि आपका खाता तुरंत DBT के लिए सक्रिय हो जाए।

NPCI लिंकिंग और सामान्य आधार लिंकिंग में अंतर (Expert Advice)
मैनें अपने करियर में सैंकड़ो एसी प्रॉब्लम देखीहै और हल भी की है जिसमें सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि आपकी समस्या की जड़ क्या है?
- सामान्य आधार लिंकिंग (KYC): जबकि आप बैंक में आधार देते हैं, तो बैंक उसे आपकी पहचान (Identity Proof) के तौर पर इस्तेमाल करता है। यह KYC (Know Your Customer) के लिए होता है। इससे सरकारी पैसा नहीं आता।
- NPCI आधार सीडिंग (DBT के लिए): यह एक अलग प्रक्रिया है। इसमें आप बैंक को लिखित सहमति (Consent) देते हैं कि “मेरे इस खाते को NPCI के साथ मैप कर दिया जाए ताकि भविष्य में आने वाला सारा सरकारी पैसा (DBT) इसी खाते में आए। और इसे कहते है बदलता भारत |
महत्वपूर्ण बाते :जबकि एक व्यक्ति के कई बैंक खाते हो सकते हैं, लेकिन NPCI के साथ एक समय में केवल एक ही बैंक खाता लिंक हो सकता है। यदि आपने पहले किसी और बैंक में यह सहमति दी थी, तो नया फॉर्म भरने पर पुराना लिंक हट जाएगा और नया खाता सक्रिय हो जाएगा।
2. बैंक जाने से पहले की चेकलिस्ट (Essential Documents)
बैंक के चक्कर काटने से बचने के लिए, घर से निकलते समय ये चीज़ें ज़रूर साथ रखें:
| दस्तावेज़/विवरण | क्यों ज़रूरी है? |
| आधार कार्ड की फोटोकॉपी | इस पर अपना हस्ताक्षर (Self-attest) ज़रूर करें। |
| बैंक पासबुक की फोटोकॉपी | खाता संख्या और IFSC कोड के मिलान के लिए। |
| मूल आधार कार्ड और पासबुक | बैंक अधिकारी वेरिफिकेशन के लिए मांग सकते हैं। |
| रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर | आपके पास वह फोन होना चाहिए जो बैंक और आधार दोनों से लिंक हो। |
| NPCI लिंकिंग आवेदन पत्र | जिसे हम नीचे दिए गए फॉर्मेट में लिखेंगे। |
3. NPCI Linking Application Form in Hindi (Pro Format)
अनुमानित जानकारी –जब आप बैंक जाएं, तो आपको एक विशिष्ट फॉर्म मांगना चाहिए जिसे ‘Aadhaar Seeding Consent Form’ या ‘DBT Enable Form’ कहते हैं। और यदि बैंक के पास यह फॉर्म उपलब्ध नहीं है, तो आप एक सादे कागज पर नीचे दिया गया आवेदन लिखकर दे सकते हैं। यह शत-प्रतिशत मान्य है।
नीचे दिए गए Bank Account me Aadhaar NPCI Link Application Format को ध्यान से देखें और अपनी जानकारी भरें
प्रारूप: NPCI/DBT लिंकिंग हेतु आवेदन
सेवा में,
शाखा प्रबंधक महोदय,
[अपने बैंक का नाम लिखें, जैसे: भारतीय स्टेट बैंक],
[शाखा का पता और शहर लिखें]
विषय: बैंक खाते को आधार से लिंक करने और NPCI (DBT) मैपिंग हेतु सहमति आवेदन।
महोदय,
मैं [आपका पूरा नाम], आपकी शाखा का एक खाताधारक हूँ। मेरा बचत खाता संख्या [अपना 12-14 अंकों का अकाउंट नंबर लिखें] है।
मैं आपको सूचित करना चाहता हूँ कि मुझे सरकार से मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) जैसे कि स्कॉलरशिप, पीएम किसान निधि, या सब्सिडी प्राप्त करने में समस्या आ रही है क्योंकि मेरा खाता NPCI से मैप नहीं है।
अतः, मैं इस आवेदन के माध्यम से आपको अपनी सहमति देता हूँ कि:
- मेरे आधार नंबर [अपना 12 अंकों का आधार नंबर लिखें] को मेरे उपरोक्त बैंक खाते से लिंक किया जाए।
- मेरे इस खाते को NPCI (National Payments Corporation of India) के सर्वर पर ‘सीड’ (Seed) या ‘मैप’ किया जाए, ताकि भविष्य में सभी सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे इसी खाते में प्राप्त हो सके।
- यदि मेरा आधार पहले से किसी अन्य बैंक खाते में NPCI से लिंक है, तो उसे वहाँ से हटाकर (Overwrite करके) इस नए खाते के साथ लिंक कर दिया जाए।
मैं इस आवेदन के साथ अपने आधार कार्ड और बैंक पासबुक की स्व-प्रमाणित (Self-attested) फोटोकॉपी संलग्न कर रहा हूँ।
कृपया इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का कष्ट करें और मुझे पावती (Acknowledgment) प्रदान करें।
धन्यवाद।
भवदीय,
[आपका हस्ताक्षर]
नाम: [आपका पूरा नाम]
मोबाइल नंबर: [बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर]
दिनांक: [DD/MM/YYYY]
4. बैंक में क्या करें और क्या कहें? (Actionable Steps)
इसके बारे में सही से जानकारी ले |
- सही काउंटर पर जाएं: बैंक में ‘आधार सीडिंग’ या ‘DBT काउंटर’ के बारे में पूछें।
- अधिकारी से स्पष्ट बात करें: फॉर्म देते समय कहें, “सर/मैडम, मुझे अपना यह खाता NPCI से मैप कराना है ताकि DBT का पैसा आ सके। कृपया इसे केवल KYC के लिए लिंक न करें, बल्कि DBT के लिए सीड (Seed) करें।”
- पावती (Receipt) लें: आवेदन जमा करने के बाद, बैंक अधिकारी से अपने आवेदन की फोटोकॉपी पर ‘Received’ की मुहर और तारीख ज़रूर लगवा लें। यह भविष्य में प्रमाण के तौर पर काम आएगा।
5. स्टेटस कैसे चेक करें? (Status Tracking)
आवेदन जमा करने के बाद, आपके खाते को NPCI से लिंक होने में आमतौर पर 48 से 72 घंटे (कार्य दिवस) लगते हैं।
आप इसका स्टेटस खुद चेक कर सकते हैं:
- UIDAI की वेबसाइट पर: ‘Check Aadhaar/Bank Linking Status’ विकल्प का उपयोग करके।
- अपने स्कॉलरशिप/DBT पोर्टल पर: 3-4 दिनों के बाद पोर्टल पर स्टेटस अपडेट हो जाना चाहिए।
निष्कर्ष और अगला कदम (Next Step)
NPCI लिंकिंग कोई जटिल प्रक्रिया नहीं है, बस इसके लिए सही npci linking application form in hindi और सही जानकारी की ज़रूरत होती है। ऊपर दिए गए फॉर्मेट का उपयोग करें, ज़रूरी दस्तावेज़ संलग्न करें, और अपनी बैंक शाखा में जाकर जमा कर दें। आपकी समस्या कुछ ही दिनों में हल हो जाएगी।
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