Cheque Bounce Application to Bank Manager: चेक बाउंस होने पर क्या करें?

क्या आपने बैंक में एक बड़ी राशि का चेक जमा किया है , लेकिन कुछ दिनों बाद आपको बैंक से एक संदेश मिलता है कि चेक बाउंस हो गया है।

मेरे पास अनीता नाम की लड़की आई और बोली मेने  बैंक में एक बड़ी राशि का चेक जमा किया है और  कुछ दिनों बाद आपको बैंक से एक संदेश मिलता है कि चेक बाउंस हो गया है। मैंने अपने 4 साल से csc सेंटर operate के दौरान सैंकड़ों Cheque bounce से जुडी समस्या देखी है, जिसके आधार पर मैंने बताया है कि क्या आपने बैंक में एक बड़ी राशि का चेक जमा किया है , लेकिन कुछ दिनों बाद आपको बैंक से एक संदेश मिलता है कि चेक बाउंस हो गया है। या फिर, आपने किसी को चेक दिया और अनजाने में वह बाउंस हो गया। 

यह स्थिति आपके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) को खराब कर सकती है और आप पर bank charges भी लग सकते हैं।जबकि बैंकिंग शब्दावली में इसे Dishonour of Cheque कहा जाता है। इस लेख में हम आपको एक प्रोफेशनल cheque bounce application format देंगे और बताएंगे कि insufficient funds या stop payment जैसी स्थितियों में आपको क्या करना चाहिए। इसे कहते है डिजिटल इंडिया |

Cheque Bounce Application to Bank Manager

चेक बाउंस होने के मुख्य कारण (Reasons for Dishonour of Cheque)

जैसे कि मेने बताया चेक बाउंस होने के कई कारण हो सकते हैं, जिन्हें समझना आपके लिए ज़रूरी है

  • Insufficient Funds- यह सबसे आम कारण है। जब चेक जारी करने वाले के खाते में चेक पर लिखी राशि से कम पैसे होते हैं।
  • Signature Mismatch-आप  यदि चेक पर किए गए हस्ताक्षर बैंक के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते।
  • Date Issues-जब चेक पर तारीख गलत होना या चेक का ‘Post-dated’ या ‘Stale’ (3 महीने से पुराना) होना।
  • Stop Payment- जब चेक जारी करने वाला खुद बैंक को निर्देश देता है कि इस चेक का भुगतान न किया जाए।
  • Account Frozen- यदि न्यायालय या सरकारी एजेंसी के आदेश पर खाता फ्रीज कर दिया गया हो।
See also  बैंक खाता चालू है फिर भी सरकारी पैसा नहीं आया? "Aadhar Linking" और "DBT Seeding" का अंतर समझें (बैंक वाले यह नहीं बताते!)

2. चेक बाउंस होने पर बैंक से क्या मिलता है? (Cheque Return Memo)

जब भी कोई चेक बाउंस होता है, तो बैंक भुगतान करने से मना कर देता है और प्राप्तकर्ता (Payee) को चेक के साथ एक दस्तावेज़ लौटाता है, जिसे Cheque Return Memo कहा जाता है। 

इस मेमो में बाउंस होने का स्पष्ट कारण लिखा होता है। कानूनी कार्यवाही के लिए यह मेमो सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। यदि आप legal notice भेजने की योजना बना रहे हैं, तो आपके पास यह मेमो होना अनिवार्य है।

Actionable Content: Cheque Bounce Application Format

यदि आपको किसी से चेक मिला था और वह बाउंस हो गया है, तो आपको अपनी बैंक शाखा में एक औपचारिक पत्र देना चाहिए ताकि भविष्य में कानूनी कार्यवाही के लिए आपके पास रिकॉर्ड रहे। यहाँ सबसे सटीक cheque bounce application format दिया गया है:

प्रार्थना पत्र का प्रारूप: हिंदी में

सेवा में, शाखा प्रबंधक महोदय, [बैंक का नाम], [शाखा का पता]

विषय: चेक बाउंस (Dishonour of Cheque) के संबंध में सूचना एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु आवेदन।

महोदय/महोदया,

मैं [आपका नाम], आपकी शाखा का एक बचत खाताधारक हूँ। मेरा खाता संख्या [Account Number] है।

मैं आपको सूचित करना चाहता हूँ कि मैंने दिनांक [तारीख] को अपनी शाखा में एक चेक जमा किया था, जिसका विवरण निम्नलिखित है:

  • चेक नंबर: [Cheque Number]
  • जारीकर्ता का नाम: [Issuer Name]
  • चेक की राशि: [Amount]
  • बैंक का नाम (Issuer Bank): [बैंक का नाम]

मुझे बैंक से प्राप्त Cheque Return Memo के माध्यम से पता चला है कि उक्त चेक [कारण, जैसे: Insufficient Funds] की वजह से बाउंस हो गया है। इस प्रक्रिया के दौरान मेरे खाते से जो bank charges काटे गए हैं, कृपया उनका विवरण भी प्रदान करें।

See also  Bank Account Unfreeze Application Format: बंद या होल्ड खाता चालू कैसे करें?

चूंकि यह एक गंभीर मामला है, मैं इस घटना की औपचारिक रिपोर्ट आपके पास दर्ज करा रहा हूँ ताकि भविष्य में legal notice या Section 138 के तहत कार्यवाही के समय इसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

संलग्न दस्तावेज़:

  1. चेक की फोटोकॉपी
  2. Cheque Return Memo की फोटोकॉपी

सादर, [आपका हस्ताक्षर] [आपका पूरा नाम] [मोबाइल नंबर] [दिनांक]

Section 138 of Negotiable Instruments Act

भारत में चेक बाउंस होना एक दंडनीय अपराध है। यदि insufficient funds के कारण चेक बाउंस होता है, तो प्राप्तकर्ता Section 138 के तहत कानूनी कार्यवाही कर सकता है।

कानूनी प्रक्रिया के स्टेप्स:

  1. Demand Notice: चेक बाउंस होने के 30 दिनों के भीतर आपको जारीकर्ता को एक demand notice भेजना होगा।
  2. 15 दिनों का समय: नोटिस मिलने के बाद जारीकर्ता को भुगतान करने के लिए 15 दिनों का समय दिया जाता है।
  3. Legal Action: यदि 15 दिनों के भीतर भुगतान नहीं होता है, तो आप अगले 30 दिनों के भीतर न्यायालय में केस फाइल कर सकते हैं।

कभी भी चेक बाउंस होने पर जारीकर्ता से केवल फोन पर बात न करें। लिखित रिकॉर्ड और legal notice हमेशा आपकी स्थिति को मज़बूत बनाते हैं।

चेक बाउंस होने पर लगने वाले शुल्क (Bank Charges)

चेक बाउंस होने पर बैंक दोनों पक्षों (जारी करने वाले और प्राप्त करने वाले) पर bank charges लगाता है। यह राशि  100 से लेकर  500 तक हो सकती है, जो अलग-अलग बैंकों की पॉलिसी पर निर्भर करती है। यदि चेक गलती से बाउंस हुआ है, तो आप बैंक से इन शुल्कों को वापस करने (Refund) के लिए भी अनुरोध कर सकते हैं।

See also  ATM Transaction Failed Amount Debited Application: पैसा वापस पाने का असली तरीका (Complaint Letter Format & RBI Rules)

निष्कर्ष (Conclusion)

चेक बाउंस होना एक अप्रिय अनुभव हो सकता है, लेकिन सही cheque bounce application format और कानूनी जानकारी के साथ आप अपनी राशि वापस पा सकते हैं। हमेशा Cheque Return Memo को संभाल कर रखें और समय सीमा (Timelines) का विशेष ध्यान रखें।

क्या आपको चेक जारीकर्ता को भेजे जाने वाले Legal Notice का ड्राफ्ट चाहिए? या आप bank charges रिफंड कराने की प्रक्रिया जानना चाहते हैं? मुझे बताएं, मैं आपकी पूरी मदद करूँगा।

Author

  • Lavkush

    Lavkush Baghel एक अनुभवी जॉब न्यूज़ लेखक हैं, जिन्होंने 4 साल न्यूज़ चैनल में जॉब पोस्टिंग और भर्ती अपडेट कवर किए हैं।
    वे सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाने के लिए जाने जाते हैं।

Leave a Comment