Imisebenzi ye-ITI Aliganj:लखनऊ के ITI अलीगंज में लगे रोजगार मेले में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया और कई स्टूडेंट्स को मौके पर ही नौकरी के ऑफर मिल गए। लेकिन हर उम्मीदवार के मन में एक सवाल ज़रूर होता है—“क्या मैं सही तरीके से तैयार होकर गया था? और अगर आगे ऐसे मेलों में जाना है तो तैयारी कैसे पक्की करूँ?”जॉब फेयर का माहौल हमेशा थोड़ा अलग होता है। भीड़, कई कंपनियाँ, कई इंटरव्यू—और समय बहुत कम। ऐसे में बिना रणनीति के जाना अक्सर अवसर खो देने जैसा होता है। इसलिए यह लेख सिर्फ सूचना नहीं, बल्कि रियल-वर्ल्ड तैयारी, आम गलतियाँ, और फेयर के बाद के निर्णय समझाने के लिए लिखा गया है।

जॉब फेयर का असली मतलब—और उम्मीदवार का रोल
ITI छात्रों के लिए ऐसे मेले सिर्फ “नौकरी मिलने की जगह” नहीं होते, बल्कि यह करियर की दिशा तय करने का शुरुआती पड़ाव होते हैं।
यहाँ कंपनियाँ छात्रों की बेसिक स्किल, डिसिप्लिन, और ईमानदारी को देखकर चुनती हैं।
कंपनी को यह नहीं चाहिए कि आप मशीन पूरी तरह चला लें—उन्हें चाहिए कि आप सीखने लायक हों।
इसलिए जॉब फेयर = पहली छाप + आपकी तैयारी + किस तरह खुद को पेश करते हैं।
Related Article:क्या यह UKMSSB Nursing Officer भर्ती आपके करियर प्लान में फिट बैठती है?
कौन सी कंपनियाँ आती हैं और वे क्या देखती हैं
आमतौर पर ITI मेले में निम्न सेक्टर की कंपनियाँ आती हैं:
- ऑटोमोबाइल (सर्विस और प्रोडक्शन)
- इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स
- CNC / मशीनिंग
- निर्माण (Construction & Maintenance)
- रिटेल + लॉजिस्टिक्स
- टेक्निकल सपोर्ट
Imisebenzi ye-ITI Aliganj:ये कंपनियाँ ज्यादा ध्यान देती हैं:
- टाइम मैनेजमेंट
- कम्युनिकेशन (बहुत हाई नहीं, बस साफ और सीधे)
- इंडस्ट्रियल डिसिप्लिन
- ट्रेनिंग के दौरान आपकी उपस्थिति
- सीखने की इच्छा
इंटरव्यू से पहले की तैयारी (Real-World Practical Checklist)
बिना तैयारी के जॉब फेयर में जाना ठीक वैसा ही है जैसे बिना औज़ार के मशीन चलाने जाना।
यहाँ सबसे व्यावहारिक और फील्ड में साबित चेकलिस्ट दी जा रही है:
1) दस्तावेज़ बैग तैयार करें — वही चूक जो 40% उम्मीदवार करते हैं
बहुत सारे ITI छात्र दस्तावेज़ मिसमैच की वजह से शॉर्टलिस्ट होने के बाद भी ऑफर नहीं ले पाते।
आवश्यक दस्तावेज़:
- आधार कार्ड (2 फोटोकॉपी)
- पासपोर्ट साइज फोटो (6–8)
- 10वीं और 12वीं मार्कशीट
- ITI मार्कशीट + NCVT/SCVT सर्टिफिकेट
- डोमिसाइल
- कास्ट सर्टिफिकेट (यदि लागू)
- रिज़्यूमे 8–10 कॉपी
- बैंक पासबुक/खाता विवरण
- पैन कार्ड (ना हो तो आवेदन की रसीद भी चलेगी)
सबसे आम गलती:
आधार में नाम “Vikas Kumar” और मार्कशीट में “Vikas K.” — इससे कैंडिडेट रिजेक्ट हो जाते हैं।
सुझाव:
नाम/जन्मतिथि क्रॉस-चेक कर लें। घर से निकलने से पहले एक बार फिर फाइल खोलकर देखें।
2) रिज़्यूमे को ITI स्टाइल में छोटा और स्पष्ट रखें
कंपनी अधिकारी 20–40 रिज़्यूमे चेक करते हैं।
लंबे रिज़्यूमे पढ़ने का समय नहीं होता।
आदर्श ITI रिज़्यूमे:
- 1 पेज
- Trade + Passing year सबसे ऊपर
- Apprenticeship / Practical Experience (यदि है)
- Skills: मशीन का नाम (CNC, Lathe), बेसिक इलेक्ट्रिकल, फिटर, वेल्डिंग आदि
- Strengths: punctuality, learning mindset
- Salary expectation के बजाय लिखें: “Negotiable as per company policy”
3) इंटरव्यू से पहले कंपनी के नाम देख लें — यह छोटा कदम बड़ी गलती बचाता है
जब लाइन में खड़े हों तो:
- कंपनी का नाम गूगल करें
- लोकेशन देखें
- जॉब रोल क्या हो सकता है
- Contract vs Permanent क्या होता है, यह जान लें
फील्ड अनुभव बताता है कि कंपनी का नाम न जानना इंटरव्यू में खराब छाप छोड़ देता है।
4) ड्रेस-कोड — ITI छात्र अक्सर इसे हल्का ले लेते हैं
IT/Tech जॉब नहीं, पर फिर भी decent लुक सबसे पहली छाप बनाता है।
सही विकल्प:
- साफ-प्रेस की हुई शर्ट
- औपचारिक पैंट
- कैज़ुअल जूते भी चलेगा, बस साफ हों
- फाइल बैग
गलत विकल्प:
- टी-शर्ट
- चप्पल
- फोल्डेड पैंट
- बिना फाइल के दस्तावेज़
Imisebenzi ye-ITI Aliganj:इंटरव्यू के दौरान—कैसे बनाएं मजबूत छाप
एक ITI इंटरव्यू 3–4 मिनट का होता है।
यानी आपको अपनी बात 50–60 सेकंड में रखनी होती है।
1) अपना परिचय छोटा रखें
“सर, मेरा नाम ___ है। मैंने ITI में ___ ट्रेड किया है। प्रैक्टिकल में ___ मशीन पर काम किया है। मुझे डिसिप्लिन और टाइम मैनेजमेंट की आदत है। सीखने की इच्छा रखता हूँ।”
2) Salary पर सीधे बात न करें
यह स्टूडेंट्स की सबसे común mistake है।
पहले पूछें:
“सर, इस रोल की जिम्मेदारियाँ क्या होंगी?”
फिर पूछें:
“CTC structure क्या है?”
3) यह तीन वाक्य आपको बाकी भीड़ से अलग कर देंगे
- “मैं ओवरटाइम के लिए उपलब्ध रहूँगा।”
- “शिफ्ट बदलने में दिक्कत नहीं है।”
- “सीखने में समय दूँगा, टीम के साथ तालमेल बैठा सकता हूँ।”
ये तीन लाइनें लगभग 40–50% इंटरव्यू में चयन तय करती हैं।
जॉब फेयर के बाद क्या करें — Decision Support Notes
यही वह हिस्सा है जिसे 90% ITI छात्र समझते नहीं।
1) ऑफर लेटर आने पर तुरंत जॉइन न करें
पहले यह देखें:
- जॉब रोल
- Duty hours
- Accommodation / mess / PF / ESI
- Contract कौन-सी agency से है?
- न्यूनतम काम अवधि (1 साल, 2 साल?)
2) क्या ऑफर स्थायी नौकरी है या अप्रेंटिसशिप?
बहुत बार ऑफर “Apprenticeship + Stipend” होता है।
यह भी ठीक है, लेकिन आपको पता होना चाहिए कि:
- 1 साल बाद मूल्यांकन होता है
- Performance अच्छी हो तो regular job मिल सकती है
3) दो ऑफर मिलें तो कैसे चुनें?
तुलना इन 5 चीज़ों की करें:
- ट्रेनिंग क्वालिटी
- Growth chance
- Location और खर्च
- Shift work
- Safety और काम का माहौल
ITI छात्रों की आम गलतियाँ (Common Mistakes) और उनसे बचने के उपाय
- सिर्फ एक कंपनी का इंतज़ार करना
- गलत जानकारी वाला रिज़्यूमे
- इंटरव्यू के दौरान घबराहट में गलत जवाब
- दस्तावेज़ मिसमैच
- जॉब प्रोफाइल समझे बिना ऑफर ले लेना
- “मैं कुछ भी कर लूँगा” कहना — यह गलत संदेश देता है
सही तरीका:
“मैं ___ ट्रेड से आया हूँ। इस रोल में सीख सकता हूँ और मेहनत से काम करूंगा।”
दस्तावेज़ सावधानियाँ — छोटी गलती करियर रोक सकती है
- नाम सभी दस्तावेज़ों में एक जैसा
- फोटो 6–8 साथ रखें
- फोटोकॉपी पहले से करा लें (मेला में भीड़ रहती है)
- SC/ST कैंडिडेट्स प्रमाण पत्र की expiry date चेक करें
- Apprenticeship certificate (यदि है) बहुत फायदेमंद होता है
FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या जॉब फेयर में ही नौकरी पक्की हो जाती है?
नहीं। ऑफर मिलता है, जॉइनिंग बाद में होती है।
Q2. क्या बिना रिज़्यूमे जाया जा सकता है?
तकनीकी रूप से हाँ, लेकिन कंपनियाँ रिज़्यूमे को आधार मानती हैं।
Q3. क्या ड्रेस जरूरी है?
फॉर्मल न सही, कम से कम साफ-सुथरा कपड़ा अनिवार्य है।
Q4. क्या फेयर में फीस लगती है?
ITI के जॉब फेयर आमतौर पर फ्री होते हैं।
Q5. क्या एक दिन में कई कंपनियों के इंटरव्यू दिए जा सकते हैं?
हाँ, और देना चाहिए। यही मेले का फायदा है।
Official Source / Reference
- आधिकारिक स्रोत: ITI अलीगंज जॉब फेयर से संबंधित जानकारी स्थानीय प्रशासन/नगर रोजगार कार्यालय द्वारा जारी की जाती है।
- https://rojgaarsangam.up.gov.in/?utm_source=chatgpt.com