राज्य भाषा की दीवार: क्या महाराष्ट्र के 135 पदों पर गैर-मराठी उम्मीदवारों के लिए रास्ते बंद कर रही है

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने हाल ही में Loan/Banking Officer (LBO) के 750 पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती देशभर के उम्मीदवारों  के लिए सुनहरा मौका मानी जा रही है,जिसमे उम्मीदवार आवेदन कर सकते है ,जिसमे उम्मीदवारो को ज्यादा परेशन नहीं होना है  क्योंकि इसमें बैंकिंग क्षेत्र में स्थायी सरकारी नौकरी की संभावना है।

लेकिन इस भर्ती में एक “छोटा-सा नियम” बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है — क्षेत्रीय भाषा की अनिवार्यता, खासकर महाराष्ट्र राज्य के 135 पदों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान आवश्यक बताया गया है।  

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Points

 मराठी भाषा की शर्त – क्यों उठ रहे हैं सवाल?

PNB की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, उम्मीदवार को उस राज्य की स्थानीय भाषा में बोलने, पढ़ने और लिखने की योग्यता होनी चाहिए, जहां उसका पद है।
महाराष्ट्र के लिए यह मराठी भाषा होगी, जबकि गुजरात में गुजराती और तमिलनाडु में तमिल।

समस्या तब शुरू होती है जब देश के विभिन्न हिस्सों से युवा — खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश या झारखंड जैसे राज्यों से — महाराष्ट्र जैसे राज्यों में आवेदन करना चाहते हैं।
ये उम्मीदवार बैंकिंग की परीक्षा पास करने में सक्षम हैं, लेकिन भाषाई बाधा के कारण आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं।

 इस तरह के उम्मीदवार होगे प्रभावित

  • माइग्रेंट (प्रवासी) उम्मीदवार: जो पढ़ाई या नौकरी के लिए महाराष्ट्र जैसे राज्यों में रहते हैं, लेकिन मराठी भाषा नहीं जानते।
  • नए ग्रेजुएट्स: जिनके पास बैंकिंग की डिग्री या डिप्लोमा है, लेकिन स्थानीय भाषा की परीक्षा देने का अवसर नहीं मिला।
  • रूरल (ग्रामीण) छात्र: जिन्हें केवल हिंदी या अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई का अनुभव है।

इस तरह लगभग हजारों योग्य उम्मीदवार सिर्फ भाषा की शर्त के कारण बाहर हो रहे हैं।

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क्षेत्रीय असमानता के आंकड़े

PNB LBO 2025 भर्ती में कुल 750 पदों में से:

  • महाराष्ट्र: 135 पद
  • गुजरात: 70 पद
  • उत्तर प्रदेश: 60 पद
  • दिल्ली: 45 पद
  • उत्तर-पूर्व और केंद्रशासित प्रदेश: मिलाकर 20 से भी कम पद

इससे यह भी स्पष्ट है कि पश्चिमी राज्यों को ज्यादा अवसर मिले हैं, और वही भाषा शर्त के कारण “लोकल कैंडिडेट” की अवधारणा को और मजबूत बना रहे हैं।

युवा उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर कई उम्मीदवारों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है।
और बोला है की अगर हमें मराठी नहीं आये तो क्या

“बैंकिंग जॉब अब नेशनल नहीं रही, हर राज्य की अपनी दीवार खड़ी कर दी गई है।”
“मराठी नहीं आती तो क्या मैं बैंकिंग लोन नहीं संभाल सकता?”

इससे यह भी पता चलता है कि भर्ती में भाषाई विविधता के बजाय स्थानीय सीमाएँ बढ़ती जा रही हैं।

समाधान क्या हो सकता है?

  1. ट्रेनिंग-बेस्ड एप्रोच: चयन के बाद 3-6 महीने का भाषा प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
  2. भाषा टेस्ट वैकल्पिक हो: अगर उम्मीदवार अन्य योग्यताओं में पास है, तो उसे भाषा सीखने का मौका मिले।
  3. इंटर-स्टेट मोबिलिटी बढ़ाई जाए: बैंक कर्मचारियों को विभिन्न राज्यों में रोटेशनल पोस्टिंग दी जाए, ताकि वे अनुभव और भाषा दोनों सीख सकें।
  4. डिजिटल मल्टी-लैंग्वेज टूल्स का उपयोग: ग्राहक सेवा में तकनीक की मदद से भाषा बाधा कम की जा सकती है।

 सरकारी नौकरियों में मराठी भाषा की अनिवार्यता

प्रभाव: सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली कई परीक्षाओं में, खासकर तकनीकी या लिपिक (Clerical) पदों पर, एक पेपर मराठी भाषा ज्ञान का होता है, जिसे पास करना अनिवार्य होता है।

सरकारी आदेश: महाराष्ट्र सरकार ने सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और नगर निगम कार्यालयों में मराठी भाषा का उपयोग अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है।

कर्मचारियों के लिए नियम: इस आदेश के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों को अपना काम मराठी भाषा में करना होता है और लोगों से भी मराठी में बात करनी होती है।

गैर-मराठी उम्मीदवारों पर प्रभाव

चुनौती: अन्य राज्यों के उम्मीदवारों, जिनकी प्राथमिक भाषा मराठी नहीं है, के लिए इस अनिवार्य मराठी भाषा के पेपर को पास करना या रोज़मर्रा के सरकारी काम के लिए मराठी सीखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

“रास्ते बंद” होने की आशंका: कई गैर-मराठी भाषी उम्मीदवारों और समूहों को यह लगता है कि यह नियम अप्रत्यक्ष रूप से उनके लिए महाराष्ट्र में सरकारी नौकरी के दरवाजे बंद कर रहा है, भले ही वे शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) में पूरी तरह योग्य हों।

    निष्कर्ष

    PNB की यह भर्ती निस्संदेह एक बड़ा अवसर है, लेकिन इसकी भाषा नीति पर पुनर्विचार की जरूरत है।
    सरकारी नौकरियों को “राष्ट्रीय अवसर” बनाए रखना जरूरी है, न कि “राज्य-सीमित रोजगार”।
    अगर बैंक प्रशिक्षण और टेक्नोलॉजी की मदद से भाषा अंतर भरने के उपाय करे, तो अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा और बैंक को भी विविध प्रतिभा का लाभ मिलेगा।

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    Author

    • Nandani Baghel

      Nandani Baghel एक Govt Job Blogger हैं, जिन्हें 3 साल का अनुभव है।
      वे भर्ती प्रक्रियाओं, दस्तावेज़ और तैयारी गाइड पर व्यावहारिक और आसानी से समझ आने वाले लेख लिखती हैं, जो छात्रों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं।

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